ज़ीरो बजट गार्डनिंग: रसोई के कचरे से बनाएं असरदार खाद
क्या आप बिना पैसे खर्च किए अपने पौधों को घना, हरा-भरा और तेज़ी से बढ़ता हुआ देखना चाहते हैं? ज़ीरो बजट गार्डनिंग का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इसमें घर की रसोई से निकलने वाला कचरा ही पौधों के लिए पोषण बन जाता है। जो चीज़ें रोज़ डस्टबिन में जाती हैं, वही आपके गार्डन की सबसे असरदार खाद बन सकती हैं।
आजकल महंगी जैविक खाद, वर्मीकम्पोस्ट और रेडीमेड प्लांट फूड हर किसी के बजट में नहीं होते। लेकिन केले के छिलके, सब्जियों के छिलके, चाय की पत्ती, अंडे के छिलके और बचा हुआ पानी सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो पौधों को नाइट्रोजन, पोटैशियम, कैल्शियम और सूक्ष्म पोषक तत्व आसानी से मिल जाते हैं।
ज़ीरो बजट गार्डनिंग आखिर है क्या?
इसका मतलब है ऐसी बागवानी जिसमें बाहर से खाद, मिट्टी सुधारक या रासायनिक उत्पाद खरीदने की जरूरत बहुत कम या बिल्कुल न पड़े। घर में उपलब्ध जैविक सामग्री को दोबारा उपयोग करके पौधों की जरूरत पूरी की जाती है।
रसोई का कौन-सा कचरा सबसे उपयोगी है?
| कचरा | मुख्य पोषक तत्व | किस पौधे के लिए |
|---|---|---|
| केले के छिलके | पोटैशियम | फूल और फल वाले पौधे |
| चाय की पत्ती | नाइट्रोजन | हरी पत्तियों वाले पौधे |
| अंडे के छिलके | कैल्शियम | टमाटर, मिर्च, गुलाब |
| सब्जियों के छिलके | मिक्स पोषण | सभी पौधे |
| धोया हुआ चावल का पानी | स्टार्च और सूक्ष्म तत्व | इनडोर और सब्ज़ी पौधे |
सबसे आसान असरदार खाद: सब्जियों के छिलकों की खाद
अगर आप पहली बार ज़ीरो बजट गार्डनिंग शुरू कर रहे हैं, तो यही तरीका सबसे आसान और सुरक्षित है।
क्या चाहिए?
- आलू, लौकी, कद्दू, गाजर, मूली आदि के छिलके
- एक पुराना डिब्बा या बाल्टी
- थोड़ी सूखी मिट्टी या सूखे पत्ते
बनाने की विधि
- छिलकों को छोटे टुकड़ों में काट लें।
- डिब्बे में एक परत मिट्टी की डालें।
- उस पर छिलके फैलाएं।
- फिर मिट्टी या सूखे पत्तों की पतली परत डालें।
- इसी तरह परतें बनाते रहें।
- हर 3-4 दिन में सामग्री को उलट-पलट दें।
लगभग 25-40 दिनों में यह काला, भुरभुरा और मिट्टी जैसी खुशबू वाला कम्पोस्ट बन जाएगा।
केले के छिलके से फूलों की सुपर फूड खाद
गुलाब, गुड़हल, मोगरा, गेंदा और टमाटर जैसे पौधों को पोटैशियम की ज्यादा जरूरत होती है। केले का छिलका इसके लिए बहुत उपयोगी है।
दो असरदार तरीके
1. सूखा पाउडर: छिलकों को धूप में 3-4 दिन सुखाएं, मिक्सर में पीस लें और हर 15 दिन में 1-2 चम्मच मिट्टी में मिलाएं।
2. लिक्विड खाद: 2 केले के छिलके 1 लीटर पानी में 24 घंटे भिगोएं। पानी छानकर 1:1 अनुपात में सादा पानी मिलाएं और जड़ों में डालें।
चाय की पत्ती: सही इस्तेमाल करें, वरना नुकसान भी हो सकता है
बहुत लोग इस्तेमाल की हुई चाय की पत्ती सीधे गमले में डाल देते हैं। यही सबसे आम गलती है। इसमें चीनी और दूध के अवशेष रहने पर फफूंदी और चींटियाँ लग सकती हैं।
सही तरीका
- चाय की पत्ती को अच्छी तरह पानी से धो लें।
- धूप में सुखा लें।
- महीने में 2 बार 1-2 चम्मच मिट्टी में मिलाएं।
यह खासकर मनी प्लांट, पालक, धनिया, पुदीना और अन्य पत्तेदार पौधों के लिए अच्छी रहती है।
अंडे के छिलके से कैल्शियम की कमी दूर करें
टमाटर में नीचे से काला पड़ना, मिर्च का कमजोर होना या गुलाब की नई बढ़त रुकना कई बार कैल्शियम की कमी का संकेत होता है।
कैसे इस्तेमाल करें?
- छिलकों को धोकर सुखा लें।
- बारीक पीस लें।
- हर बड़े गमले में 1 चम्मच मिलाएं।
इसका असर धीरे-धीरे होता है, इसलिए इसे तुरंत काम करने वाली खाद न समझें। लगातार उपयोग से मिट्टी मजबूत होती है।
रसोई के पानी का सही उपयोग
चावल धोने का पानी, दाल धोने का पानी और सब्ज़ियाँ धोने का पानी फेंकने के बजाय पौधों में इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन इसमें नमक, तेल या मसाले नहीं होने चाहिए।
15 दिन का ज़ीरो बजट फर्टिलाइज़र प्लान
| दिन | क्या दें |
|---|---|
| दिन 1 | कम्पोस्ट 2 मुट्ठी |
| दिन 5 | चावल का पानी |
| दिन 8 | केले की लिक्विड खाद |
| दिन 12 | धुली सूखी चाय पत्ती |
| दिन 15 | आराम, सिर्फ पानी |
शुरुआती लोग ये 7 गलतियाँ सबसे ज्यादा करते हैं
- गीला कचरा सीधे गमले में दबा देना
- बहुत ज्यादा खाद डाल देना
- हर दिन अलग-अलग खाद देना
- नमकीन या मसालेदार पानी डालना
- कम्पोस्ट डिब्बे को पूरी तरह बंद रखना
- धूप में सूखने न देना
- छोटे गमले में ज्यादा जैविक सामग्री भर देना
इनडोर पौधों के लिए सबसे सुरक्षित खाद
घर के अंदर रखे पौधों में बदबू या कीड़े नहीं आने चाहिए। इसलिए इनके लिए हल्की खाद चुनें।
बेस्ट विकल्प
- चावल का पानी (15 दिन में एक बार)
- बहुत पतली केले की लिक्विड खाद
- छनी हुई तैयार कम्पोस्ट की 1-2 चम्मच मात्रा
मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, पीस लिली और स्पाइडर प्लांट में यह तरीका अच्छा काम करता है।
एडवांस ट्रिक: 5 मिनट में कम्पोस्ट एक्टिवेटर
अगर आपका कम्पोस्ट धीरे बन रहा है, तो यह घरेलू एक्टिवेटर मदद करेगा।
- 1 मुट्ठी पुरानी मिट्टी
- 1 चम्मच गुड़
- 1 कप बिना क्लोरीन वाला पानी
इसे मिलाकर कम्पोस्ट पर छिड़क दें। इससे सूक्ष्म जीव सक्रिय होते हैं और सड़ने की प्रक्रिया तेज़ होती है।
कैसे पहचानें कि आपकी खाद सच में तैयार है?
तैयार खाद की पहचान बहुत जरूरी है। अधपकी खाद पौधों की जड़ों को नुकसान पहुँचा सकती है।
तैयार खाद की पहचान
- रंग गहरा भूरा या काला हो
- मिट्टी जैसी खुशबू आए
- हाथ में भुरभुरी लगे
- मूल सामग्री पहचान में न आए
अधपकी खाद की पहचान
- खट्टी या सड़ी बदबू
- चिपचिपापन
- सफेद फफूंदी की मोटी परत
- कीड़े या मक्खियाँ ज्यादा दिखना
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या प्याज और लहसुन के छिलके कम्पोस्ट में डाल सकते हैं?
हाँ, कम मात्रा में डाल सकते हैं। बहुत ज्यादा मात्रा कम्पोस्ट की गंध बढ़ा सकती है, इसलिए इन्हें सूखे पत्तों के साथ मिलाएं।
क्या केले की खाद हर पौधे में दी जा सकती है?
फूल और फल वाले पौधों में ज्यादा लाभ मिलता है। कैक्टस और सक्युलेंट्स में बहुत कम मात्रा दें।
कम्पोस्ट में कीड़े आ जाएँ तो क्या करें?
सूखी मिट्टी, सूखे पत्ते या कटा हुआ कागज मिलाएं और डिब्बे को हवादार रखें। अधिक नमी की वजह से कीड़े बढ़ते हैं।
क्या यह खाद सब्ज़ियों में सुरक्षित है?
पूरी तरह सड़ी हुई जैविक खाद सब्ज़ियों के लिए सुरक्षित मानी जाती है। अधपकी खाद सीधे जड़ों के पास न डालें।
छोटे बालकनी गार्डन में कौन-सी खाद सबसे अच्छी है?
छनी हुई तैयार कम्पोस्ट और पतली केले की लिक्विड खाद सबसे बेहतर रहती है क्योंकि इससे बदबू और कीड़ों की संभावना कम होती है।
- एक खाली डिब्बा रखें
- आज के सब्ज़ी छिलके अलग जमा करें
- ऊपर थोड़ी सूखी मिट्टी डालें
- 3 दिन बाद पहली बार मिलाएं
- 30 दिन बाद अपनी पहली मुफ्त जैविक खाद तैयार पाएँ
